Bhairav Rakshaj Ka Ansuna Itihas
भैरव राक्षज का नाम आप लोगो ने सुना ही होगा। आपने सुना होगा की वह एक क्रूर दैत्य था ,जिसने पोकरण के आस – पास के बारह कोष के सभी नगरों उजाड़ रखा था। भैरव ने चारो – ओर अपना आतंक मचा रखा था तथा उसके अत्याचारों से सभी नगरवासी पीड़ित थे। भैरव के इन्ही अत्याचारों से लोगो को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्री द्वारकाधीश ने ramdevji के रूप में धरती पर अवतार लिया था।
आज हम इस आर्टिकल में भैरव नामक दैत्य के इतिहास से कुछ अनसुने तथा अनसुलझे तथ्यों के बारे में बात करेंगे। तथा इस आर्टिकल में भैरव राक्षज के वध तथा उसके बीते हुवे कल के बारे में बात करेंगे।
आर्टिकल में जो भी लिखा गया है वो पूर्ण रूप हमारे पूर्वजो तथा लोक कथाओ में सुना और पढ़ा है। हां पर इतना जरूर दिखाया जायेगा की ज्यादा से ज्यादा आपके प्रश्नो के उत्तर दे पाए। आशा करते है की यह आर्टिकल आपको अच्छा लगे।
जय श्री रामदेवजी की।।
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भैरव राक्षस कौन था
bhairav rakshaj एक क्रूर दैत्य था, जिसने संपूर्ण पोकरण गढ़ में आतंक फैलाया हुआ था। पोकरण गढ़ के सभी नगर वासी भैरव की अत्याचारों से दुखी थे। भैरव जितनी बार नगरी में आता उतनी ही बार नगर के लोगों को उठाकर ले जाता और उनको जीवित ही । अपना भोजन बना लेता था।
भैरव ने पोखरण गढ़ के आसपास के सभी क्षेत्रों को उजाड़ के रख दिया था। वह जहां भी जाता वहां के लोग उससे डर कर अपनी जान बचाकर भागने लगते थे। भैरव की आतंक के कारण ही भगवान श्री कृष्ण ने ramdevji के रूप में धरती पर अवतार लिया था ताकि वे भैरव के अत्याचार से नगर वासियों की रक्षा कर सके।

क्या भैरव राक्षस bhairav rakshajका वध किया गया था
bhairav rakshaj के वध के संबंध में लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। कुछ लोगों का कहना है कि भैरव राक्षस का ramdevji ने हमेशा हमेशा के लिए अंत कर दिया था परंतु वही कुछ लोग यह भी कहते हैं कि भैरव राक्षस को ramapir जी ने एक गुफा के अंदर बंद कर दिया था।
इन सभी भ्रांतियों को दूर कर पाना बहुत मुश्किल है परंतु हमारे पूर्वजों द्वारा तथा हमारे द्वारा देखे गए और सुने गए तथ्य से यह स्पष्ट होता है कि बाबा ramdevji ने भैरव राक्षस को एक गुफा के अंदर बंद कर दिया था। हमारे पूर्वजों तथा ज्ञाताओं ने भैरव के वध के संबंध में कहा है कि जब बाबा रामदेव जी भैरव के पीछे पीछे दौड़ रहे थे तब बाबा ramdevji ने भैरव को पोकरण की पहाड़ियों पर पकड़ लिया था।
जब ramsapeer ने भैरव को मारने के लिए अपने शस्त्र उठाए तो भैरव ने बाबा रामदेव जी से क्षमा मांगते हुए अपने प्राणों की भीख मांगी थी। तब ramapir ने भैरव को पोकरण की गुफा के अंदर बंद करके उस पर पत्थर डाल दिया था । पोकरण की पहाड़ियों पर इस घटना के प्रमाण आज भी देखने को मिल जाते हैं। पोकरण से थोड़ा दूर जाने पर कैलाश टेकरी नामक स्थान से थोड़ी ही दूरी पर भैरव राक्षस की गुफा आज भी मौजूद है। जिसे ramapir के भक्तगण आज भी देखने के लिए जाते हैं।
बाबा रामदेव जी की तुलना श्री कृष्ण से क्यों की गई है
लोगों द्वारा ramsapeer की तुलना श्री कृष्ण से की जा रही है। लोगों का कहना है कि भगवान श्री हरि ने कहा था कि
यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत
अभ्युथानम् अधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ।
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम
धर्म संस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे ।
अर्थात जब जब धरती पर पाप पुण्य से ऊपर उठ जाएगा तथा धर्म अधर्म से हारने लगेगा और सारी सृष्टि पर त्राहि-त्राहि मच जाएगी तब लोगों को सिर्फ ऊपर वाले पर ही भरोसा होगा तब श्री हरि विष्णु अपने अंश के रूप में धरती पर अवतार लेते रहेंगे।
अतः जब कंस का अत्याचार एक चरम सीमा से भी परे हो गया था तो भगवान श्री हरि ने श्री कृष्ण के रूप में धरती पर अवतार लेकर कंस जैसे अधर्मी व्यक्तियों का विनाश किया था। ठीक उसी प्रकार ramsapeer ने भैरव राक्षजके वध के लिए धरती पर अवतार लिया। बाबा ramdevji ने भी श्री कृष्ण की भांति बाल्यकाल में ही चमत्कार करने शुरू कर दिए थे। इसीलिए ramsapeer की तुलना श्रीकृष्ण से की गई।
भैरव राक्षस ने बालीनाथ को क्यों नहीं खाया
bhairav rakshaj ने अपने आस पास के बारह कोष में मानव जाती में हा हाकार मचा रखा था। भैरव को जो भी मानव मिलता उसे वह अपना भोजन बना लेता था सिवाय बालीनाथ को छोड़कर। भैरव ने बालीनाथ जी को अपना गुरु मानता था ,क्योकि बालीनाथ ने ही भैरव को आसुरी शक्तिया प्रदान की थी। इसलिए भैरव बालीनाथ को कभी भी अपना भोजन नहीं बनाता था। भैरव ही बालीनाथ जी के लिए पीने के लिए जल तथा खाने के लिए फल इत्यादि लेकर आता था।
क्या भैरव bhairav rakshaj वाकई में दैत्य था
भैरव के इतिहास के बारे में बहुत ही भ्रांतिया बानी हुई है। कुछ लोगो कहना है की भैरव एक दैत्य था तथा क्लुछ लोग कहते है की भैरव एक बनिया था। भैरव के इतिहास की पुष्टि करने के लिए हम प्रोफ़ेसर सोनाराम विश्नोई द्वारा लिखी गई पुस्तक का सहारा लेंगे जिसमे लिखा हुआ है की भैरव एक बनिया था।
इस पुस्तक में इस्पष्ट लिखा हुआ है की भैरव एक करोड़पति सेठ हुआ करता था। जिसकी धन सम्पति डाकुओ द्वारा लूट ली गई तथा उसकी बहन के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया था जिससे पागल होकर वो क्रूर हो गया। और भैरव के नाम से कुख्यात हुआ। बाद में उसने अपने गुरु बालीनाथ की सहायता से तांत्रिक विद्याय प्राप्त कर पुरे नगर में तबाही मचा दी थी। तथा बाद में अपने ही गुरु भाई ramdevji के हाथो मारा गया।
अतः इससे यही सिखने को मिलता है की अधर्म या पाप कितना भी शक्तिशाली क्यों न अहो जाए लेकिन अंत में उसे सचाई के आगे जुकना ही पड़ता है।
अगर आप सभी भक्तो को भैरव राक्षज की गुफा को देखने के जाना हो तो आप को रामदेवरा से पोकरण जाना होगा । उसके बाद आपको पोकरण से टैक्सी करनी होगी फिर वो आपको पोकरण से होते हुवे थोड़ी दूर कैलाश टेकरी की पहाड़ियों पर ले जायेगा जहा भैरव की गुफा स्थित है।
आशा करते है की हम आपके भैरव राक्षज से जुड़े आपके सभी प्रश्नो के उत्तर दे पाए है। हम इस वेबसाइट के जरिये आपके सामने ramsapeer से सभी कथाओ तथा अनसुने तथ्यों को आपके सामने प्रस्तुत कर पाए।
ऊपर दिए गए आर्टिकल जो भी लिखा गया है वो शत प्रतिशत पूर्ण रूप से सत्य है इस बात का हम कोई दवा नहीं करते है। हमने यहाँ जो भी दिखाया है वो हमने अपने पूर्वजो से सुना तथा बाबा रामदेव जी की किताबो से पढ़ा है। पर हमारा यही प्रयाश रहेगा की हम आपके सामने ramapir से जुडी सचाईयो को लाने का प्रयाश करते रहेंगे ,बने रहिये हमारे साथ।
जय श्री रामदेवजी की।।
